- बिहार के राज्य मंत्री रत्नेश कुमार पहुंचे महाकाल मंदिर: विधि-विधान से किए दर्शन-पूजन, मंदिर समिति ने किया सम्मान
- महाकाल मंदिर पहुंचे अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरिगिरि महाराज: देश-दुनिया में शांति के लिए की प्रार्थना, श्रद्धालुओं से की मुलाकात
- महाकाल मंदिर में भस्म आरती: वीरभद्र को स्वस्तिवाचन के बाद खुले पट, राजा स्वरूप में सजे बाबा!
- आज 12-12 घंटे का दिन-रात: उज्जैन की जीवाजी वेधशाला में वसंत संपात देखने पहुंचे छात्र-खगोलप्रेमी, आज से दिन होंगे लंबे
- 30 रोजों के बाद मनाई गई ईद: इंदिरा नगर ईदगाह में बड़ी संख्या में पहुंचे लोग, नमाज के बाद गले मिलकर बांटी खुशियां; पुलिस ने बढ़ाई सतर्कता
नई टेक्नालॉजी से होगी पैंकिंग:अब दुग्ध संघ का पेड़ा एक महीने तक खराब नहीं होगा
महामारी के दौर में परेशानियों के बीच उज्जैन दुग्ध संघ ने अपने प्रोडक्ट का बढ़ावा देने के लिए एक कदम और बढ़ाया है। यह कि संघ में मैप मशीन लगवाई है। यह मशीन नई व आधुनिक तकनीकी से पैकिंग करने की है। इससे दुग्ध संघ में तैयार होने वाले पेड़े को पैक किया जाएगा। संघ के सीईओ डीपी सिंह ने बताया कि अब तक जो पेड़े यहां तैयार किए जाते थे वे चार दिन उपयोग के लायक रहते थे और बाद में खराब होने लगते थे। लेकिन मैप मशीन से पैकिंग के बाद पेड़े एक महीने तक भी खराब नहीं होंगे। इससे जहां संघ डिमांड के आधार पर पेड़े बनाकर संभाग के अन्य जिलों में भी भेज सकेगा
वहीं उपभोक्ता भी इन्हें लंबे समय तक स्टोर कर उपयोग कर सकेंगे। सिंह ने बताया कि पेड़े की डिमांड त्योहार व शादियों के दिनों में बढ़कर टनों में रहती थी लेकिन जल्दी खराब होने के कारण इन्हें ज्यादा मात्रा में नहीं बनवाया जाता था। औसतन 70 से 80 किलो पेड़ा रोज बेच रहे थे लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। जितने आर्डर मिलेंगे सभी की पूर्ति करेंगे। मैप मशीन खासकर पेड़े की पैकिंग के लिए ही लगवाई गई है। दुग्ध संघ का पेड़ा 320 रुपए किलो है। नई पैकिंग के बाद भी कीमत यही रहेगी।